भभुआ/सासाराम/पटना, 18 मई 2026। बिहार में सोमवार सुबह उस समय बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया, जब भभुआ-सासाराम-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस की एक जनरल बोगी में अचानक भीषण आग लग गई। घटना के बाद स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन में सवार सैकड़ों यात्री जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालांकि रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बड़ी जनहानि टल गई।
प्लेटफॉर्म पर मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन अपने निर्धारित समय पर प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी। जनरल बोगी में रोजाना की तरह भारी भीड़ मौजूद थी। इसी दौरान अचानक बोगी से काला धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते धुआं पूरे डिब्बे में फैल गया और कुछ ही देर में आग की लपटें उठने लगीं।
आग लगते ही यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए दरवाजों और खिड़कियों की ओर भागने लगे। कई यात्री सामान छोड़कर प्लेटफॉर्म पर कूद गए। स्टेशन पर मौजूद लोगों में भी दहशत फैल गई और कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
दमकल और आरपीएफ ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेल प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जवानों ने सबसे पहले बोगी में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद स्थानीय दमकल विभाग को सूचना दी गई।
कुछ ही देर में दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित जनरल कोच को ट्रेन से अलग किया गया ताकि आग अन्य बोगियों तक न फैल सके। काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
हालांकि आग की वजह से जनरल बोगी का बड़ा हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। सीटें, वायरिंग और अंदरूनी हिस्से पूरी तरह जल गए।
शॉर्ट सर्किट या ज्वलनशील सामग्री की आशंका
आरपीएफ और रेलवे के तकनीकी अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बोगी की वायरिंग में खराबी के कारण आग लगी हो सकती है।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी यात्री द्वारा ज्वलनशील या प्रतिबंधित सामग्री तो ट्रेन में नहीं लाई गई थी। फॉरेंसिक टीम और रेलवे इंजीनियर प्रभावित बोगी की जांच कर रहे हैं। स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
यात्रियों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद यात्रियों में भारी नाराजगी देखी गई। कई लोगों का सामान आग और भगदड़ में खो गया। यात्रियों ने रेलवे से जनरल बोगियों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि जनरल डिब्बों में अक्सर क्षमता से ज्यादा भीड़ रहती है, लेकिन सुरक्षा मानकों की नियमित जांच नहीं होती। यात्रियों ने रेलवे स्टेशनों पर बैग चेकिंग और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच की भी मांग की है।
फिलहाल घटना के बाद रेल प्रशासन अलर्ट मोड पर है और पूरे मामले की जांच जारी है।

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